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फ़ैसला

  • Writer: Sundeshajynt
    Sundeshajynt
  • Dec 29, 2020
  • 1 min read

कभी-कभी तुम्हें लगता है, कि तुमने अपना रास्ता खो दिया है जैसे मंजिल को जाने वाले सारे रास्ते गायब हो गए हो


तुम बस अकेले हो और तुमको खुद को पता नहीं कि तुम कहां हो ?


फ़िर तुम्हें कहीं से कोई आवाज आती है या तुम्हें कोई इशारा मिलता है, जैसे ट्रैफिक सिग्नल आ जाए और कोई रास्ता मिल जाए ऐसा कुछ जो तुमने कभी भी सोचा नहीं हो शायद तुम्हारी परेशानियाँ तुमसे कुछ कहना चाहती हो शायद यह वक़्त नहीं है कोई आल्टरनेटिव ढूंढने का


पर तुम्हें समझना होगा कि यही वक़्त हैं, सही फ़ैसला लेने का पर उससे पहले आपका दिमाग में हज़ारों ताकतें आपस में संघर्ष कर रही होगी आपके फ़ैसले के अपोजिट

फ़िर भी तुम्हे अपने अपनी आवाज या उस साइन के बात पर खरा उतारना होगा जैसे कि अपनों के विरुद्ध होना पड़ा तो आप पीछे नहीं उतरेंगे


इस मे एक कमाल की शक्ति काम करती जो आपकी हर उलझन को समझने और समझाने की कोशिश करेगी शायद आप समझ पाये .........

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